अदरक
इस पौधे की जड़ें भोजन तथा औषधि दोनों रूपों में प्रयोग की जाती हैं। चीन तथा भारत के लोगों के विश्वभर में फैल जाने से ताजा अदरक कहीं भी खरीदा जा सकता है। सूखा अदरक सोंठ कहलाता है। अदरक का रस 5 से 10 मिली.. सूखा अदरक 1 से 2 ग्राम प्रतिदिन लिया जा सकता है। अदरक अधिक मूत्र को रोकता है। यह जिगर के लिए बहुत लाभकारी है तथा वात को दूषित नहीं होने देता। अदरक की चाय गले की खराबी को दूर करती है तथा अदरक चाय की अम्लता कम करता है और उसके अहित प्रभाव को रोकता है। बच्चों को किसी न किसी रूप में अदरक अवश्य दिया जाना चाहिए।
त्रिदोषीय स्थिति : वात व कफशामक है। रस: कटु । वीर्य : गर्म ।
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