अनुपम सौंदर्य और आरोग्य को देने वाली श्री महालक्ष्मी का दीपोत्सव की उजली बेला में आगमन भला कौन नहीं चाहेगा? हमारी संस्कृति में इस पर्व को अति विशिष्ट स्थान प्राप्त है और इस पर्व में महालक्ष्मी का महत्व अतुलनीय है। समुद्र मंथन के पश्चात् श्री लक्ष्मी अवतरण से ही इस दैदीप्यमान त्योहार की कहानी आरंभ होती है।
महालक्ष्मी मंत्र PDF | Mahalaxmi Mantra PDF in Hindi
1. ॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।। यह माता लक्ष्मी का बीज मंत्र है। इसका जाप करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
2. ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।। यह माता लक्ष्मी का महा मंत्र है। इसका जाप करने से स्थिर धन, दौलत और वैभव प्राप्त होता है।
3. ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:। माता लक्ष्मी के इस मंत्र का जाप करने से आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
4. जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
लक्ष्मी मंत्र PDF | Lakshmi Mantra PDF in Hindi
5. पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्। इस मंत्र का जाप करने से घर में धन और धान्य की कमी नहीं रहती है।
6. ऊं ह्रीं त्रिं हुं फट। माता लक्ष्मी के इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को किसी कार्य में सफलता प्राप्त होती है और माता लक्ष्मी की कृपा उस पर बनी रहती है।
7. लक्ष्मी नारायण नम:। माता लक्ष्मी के इस मंत्र में भगवान विष्णु का भी नाम है। इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। पति और पत्नी के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है। इससे सुख और समृद्धि भी प्राप्त होती है।
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Source : pdffile.co.in
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